Structural Unemployment In Hindi -
आज कोल्हापुरी गेट में कोई बेरोज़गार नहीं है। वहाँ अब "हैंडलूम म्यूज़ियम" है - बाबूराम के पुराने करघे के साथ। और साथ में एक मॉडर्न ट्रेनिंग सेंटर, जहाँ बूढ़े बुनकर जवानों को नई टेक्नोलॉजी सिखाते हैं।
एक साल बाद, वही कंपनी जिसने उसे नौकरी से ठुकराया था, अब उसे "टेक्निकल सुपरवाइजर" के पद पर ले गई। बाबूराम अब पुराने बुनकरों को नई मशीनें सिखाता। structural unemployment in hindi
बाबूराम अक्सर कहता, "हुनर मरता नहीं, बस थोड़ा सा नया रूप ले लेता है। बस उसे पहचानना आता होना चाहिए।" "हुनर मरता नहीं
कंपनी वालों ने कहा, "हमें तो ऑपरेटर चाहिए। जो बटन दबा सके, स्क्रीन पढ़ सके। तुम्हारा हुनर हमारे काम का नहीं।" structural unemployment in hindi
यह कहानी है एक छोटे से कस्बे "कोल्हापुरी गेट" की, जो कभी हथकरघा बुनकरों के लिए मशहूर था। यहाँ के लगभग हर घर में करघा था। बाबूराम अपने पिता और दादा की तरह बुनकर था। उसके हाथ रंगों और रेशम के धागों से जादू कर देते थे।
बाबूराम ने महसूस किया कि उसकी करघे की कला अब "डायनासोर" बन चुकी है - खूबसूरत, पर विलुप्त होती।
कुछ महीनों बाद, सरकार ने एक स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोला। वहाँ कंप्यूटर थे, मॉडर्न मशीनें थीं। पहले बाबूराम ने कहा, "मैं बूढ़ा हो गया हूँ सीखने के लिए।"